Showing posts with label motivational. Show all posts
Showing posts with label motivational. Show all posts

Wednesday, September 2, 2009

हार से जीत चुराने को

थी बीच भंवर में फसी हुई,

और थी दुविधा में धसी हुई

कोई तो मुझे निकालेगा, जीवन की नाव संभालेगा

ये आस थी मन में बसी हुई


पर सच तो है ये आता नही, कोई भी तुम्हे बचाने को

तुम पानी क लिए तड़पो और सब आए आग लगाने को

थक गया भाग-भाग कर अब,

जाने आएगी मंज़िल कब

कोई जो राह दिखाएगा, मेरा हमराही कहलाएगा

कितना आसान लगता था सब


पर सच तो है ये आता नही, कोई भी राह दिखाने को

तुम एक किरण को तरसो, और सब आए दीप बुझाने को

थी चाह मुझे फूलों की भी ,

और खुश्बू की थी ख्वाइश भी,

कोई तो बाग लगाएगा, सारा आँगन महकाएगा

था स्वप्न यही पतझड़ में भी

पर सच तो ये है आता नही, कोई भी बाग लगाने को

तुम आस लगाओ फूलो की, सब आए काटें चुभाने को


नदिया भी अब रुक जाती है,

क्यूँ बहने से कतराती है

कोई तो उसे बहाएगा, एक राह भी नयी बनाएगा

ये सोच के वो थम जाती है

पर सच तो ये है आता नही, कोई भी वेग बहाने को

वो राह खोजती फिरती है, सब आए बाँध बनाने को

हर दुख को अब मैं सहता हूँ,

जीवन से लड़ता रहता हूँ

इतना तो मैने जान लिया, खुद को भी अब पहचान लिया

और इसीलिए मैं कहता हूँ


बस सच तो ये है आता है, तू ही खुद को समझाने को

खुद को विजयी कर जाने को और हार से जीत चुराने को

Wednesday, August 26, 2009

किसी के लिए क्यूँ नही तुम हो जीते !!

आँखों के सपने , पलकों पे अपने

किसी के सहारे, नही छोड़े जाते !

किसी से किसी दिन, किए थे जो वादे

किसी के भी खातिर, नही तोड़े जाते !!


जो आए हैं इतने, घने गम के बादल

कभी भी सदा के लिए, हैं ना छाते !

कभी ना किसी का, यूँ दिल तोड़ देना

कि दिल तोड़ कर, कुच्छ नही हम हैं पाते !!


ना आए थे तुम, कुच्छ यहा साथ भी लेकर

तो खोने पे इतना, क्यूँ खलता तुम्हे है !

क्यूँ रोते हो तुम, और क्यूँ करते गीला हो

कोई जब यहाँ, साथ चलता नही है !!


ज़रूरत तो होती है, सबको सभी की

मोहब्बत किसी से, ना होती कभी है !

सभी भीड़ में हैं, और तन्हा सभी हैं

ये तन्हाई भी, कब से तन्हा रही है !!


उदासी का नगमा, सभी गा रहे हैं

सभी के दिलों में, यूँ घाम छ्छा रहे हैं !

किसी की खुशी को, यूँ मकसद बना के

किसी के लिए क्यूँ नही तुम हो जीते !!